रैंकिंग सीरीज़ रोहतक नहीं। तिराना, अल्बानिया। 24 से 28 फरवरी 2026। प्रियांशी प्रजापत। 26 फरवरी का मुकाबला जीता। कज़ाकिस्तान, अमेरिका, अल्बानिया। रजत पदक की बधाई 5 मार्च की विज्ञप्ति में है।
मध्य-पूर्व एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव के कारण प्रियांशी और साथ के खिलाड़ी फँस गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के उच्च स्तरीय प्रयास; वापसी भारत। उज्जैन निवासी परिजन से वीडियो कॉल। पिता श्री प्रजापत का आभार।
पुरानी सहायता, नया स्वर्ण नहीं
पिछले वर्ष एशियन सीरीज़ स्वर्ण—यह तिराना रजत से पहले की पंक्ति। कुश्ती क्षेत्र अध्यक्ष रहते 2 लाख रुपये आर्थिक सहायता। अखाड़ा इसे 10 अक्टूबर 2024 के 15 अखाड़ों वाले 2-2 लाख से नहीं मिलाती।
जुलाई 2026 रोहतक U-23 स्वर्ण बाद की खबर है। चित्र 5 मार्च विज्ञप्ति का है।
मुख्य बातें
- तिराना 24–28 फरवरी; रजत 26 फरवरी की पंक्ति।
- वापसी अलग वाक्य है; युद्ध का मैदान कुश्ती नहीं।
- 2 लाख सहायता अध्यक्ष काल की है, 2024 अखाड़ा घोषणा नहीं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



