मध्यप्रदेश के स्कूलों में कानून की पढ़ाई को थाने के कामकाज से जोड़ा जा रहा है। कक्षा 11–12 के विद्यार्थियों के लिए “जन सुरक्षा–युवा सृजन संवाद” में पहले कक्षा में चर्चा होगी और फिर पुलिस व्यवस्था को पास से देखने का चरण आएगा।
राज्य की 19 अगस्त की विज्ञप्ति के अनुसार लगभग 2 घंटे 45 मिनट के सत्र में नागरिक अधिकार और कर्तव्य, महिला व बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, यातायात, नशे के दुष्प्रभाव और आपदा-प्रबंधन शामिल हैं। इसके लिए 300 शिक्षक और पुलिसकर्मी प्रशिक्षित किए गए।
कक्षा के बाद 20–25 विद्यार्थियों का समूह थाना, जिला पुलिस नियंत्रण कक्ष और डायल-112 व्यवस्था देखता है। यहां प्राथमिकी पंजीयन, अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क, महिला सहायता कक्ष और बाल-मित्र कक्ष की प्रक्रिया समझाने का क्रम तय है।
इंदौर पुलिस के अलग ब्यौरे में चार चयनित स्कूलों में 10 अगस्त से कार्यशालाएं शुरू होने और हर शनिवार सत्र रखने की जानकारी है। वहां मौलिक अधिकार, किशोर न्याय, पॉक्सो कानून, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सड़क सुरक्षा को विषय बनाया गया।
मुख्य बातें
- पाठ कक्षा 11–12 के विद्यार्थियों के लिए है।
- सत्र की अवधि 2 घंटे 45 मिनट रखी गई।
- अगला चरण छोटे समूह में पुलिस व्यवस्था देखना है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्यप्रदेश जनसम्पर्क विभाग · स्कूलों में कानून की पाठशाला, थानों में पुलिसिंग का प्रत्यक्ष अनुभव ↗19 अगस्त 2026
- इंदौर पुलिस कमिश्नरेट · इंदौर में “जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद” की शुरुआत ↗10 अगस्त 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।



