दुर्गाबाई व्याम के चित्रों में कहानी केवल शीर्षक में नहीं रहती। पेड़, पक्षी, देव-पात्र और रोजमर्रा की आकृतियाँ उसे आगे ले जाती हैं। उनकी कला की दो शुरुआती जगहें थीं—माँ के पास बैठकर बनाई जाने वाली दिग्ना और दादी से सुनी लोककथाएँ।
घर की दीवार से चित्र का रिश्ता
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, IGNCA, के परिचय के अनुसार बुरबासपुर गाँव की दुर्गाबाई छह वर्ष की उम्र में दिग्ना सीखने लगी थीं। विवाह और त्योहारों पर घर की दीवारों तथा फर्श को सजाने वाले इन डिजाइनों में सतह लीपना, रंगीन मिट्टी जुटाना और आकृतियाँ बनाना एक ही प्रक्रिया के हिस्से थे।
दादी की सुनाई कथाओं ने उनके चित्रों को पात्र दिए। IGNCA गोंड परधान समुदाय की परंपराओं से आए बड़ा देव, चूल्हा देव और फसल से जुड़ी बुड़ी माई जैसे विषयों का उल्लेख करता है। घर, प्रकृति और विश्वास उनके काम में एक-दूसरे के पास आते हैं।
भोपाल में प्रदर्शनी, फिर किताब
विवाह के बाद दुर्गाबाई कलाकार सुभाष व्याम के साथ भोपाल आईं। जंगढ़ सिंह श्याम ने उन्हें चित्र बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। 1996 में आनंद सिंह श्याम के निमंत्रण पर उन्होंने भारत भवन में काम प्रदर्शित किया। 2003 में चेन्नई की Tara Publishing कार्यशाला से किताबों के लिए चित्र बनाने का नया माध्यम जुड़ा।
तीन कलाकार और पेड़ों की एक किताब
The Night Life of Trees में दुर्गाबाई का काम राम सिंह उर्वेती और भज्जू श्याम के साथ है। प्रकाशक Tara Books अपने निर्माण-विवरण में बताता है कि तीनों कलाकारों से परिचित और कल्पित पेड़ों के चित्र तथा उनसे जुड़ी पारंपरिक कथाएँ माँगी गई थीं।
काले कागज पर छपे चित्रों वाली यह किताब चेन्नई में सिल्कस्क्रीन तकनीक से छापी और हाथ से बाँधी गई। किताब का रूप बनाने में कलाकारों के साथ डिजाइनर और मुद्रण-कर्मियों का श्रम भी जुड़ा। 2008 का BolognaRagazzi पुरस्कार इस साझा कृति को मिला।
दुर्गाबाई को 2022 में कला के क्षेत्र में पद्मश्री मिला। उनके सफर में दीवार, प्रदर्शनी और किताब अलग माध्यम हैं, मगर कथा सुनाने की रुचि बार-बार लौटती है।
मुख्य बातें
- दुर्गाबाई ने बचपन में माँ से घर की दीवार और फर्श पर बनने वाले दिग्ना सीखे।
- 1996 में भारत भवन की प्रदर्शनी और 2003 में चेन्नई की पुस्तक-कार्यशाला उनके सफर के दर्ज पड़ाव हैं।
- The Night Life of Trees में राम सिंह उर्वेती और भज्जू श्याम के साथ उनका साझा काम है।
स्रोत और संदर्भ
- Indira Gandhi National Centre for the Arts, Ministry of Culture · Durga Bai—Gond Artist of Madhya Pradesh ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
- Press Information Bureau, Ministry of Home Affairs · Padma Awards 2022 announced ↗25 जनवरी 2022
- President’s Secretariat / Controller of Publications · Gazette of India: Padma Awards notification, 2022 ↗21 मार्च 2022
- Tara Books · Tree Covers: The Night Life of Trees Keeps Growing ↗12 जुलाई 2021
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



