हर घर के लिए स्वच्छ और किफायती पाइप से आपूर्ति की जाने वाली खाना पकाने की गैस

पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी ) का विस्तार भारत की स्वच्छ घरेलू ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा की ओर आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। घरों तक पीएनजी पहुंचाना सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी ) नेटवर्क के विकास का हिस्सा है।

इस तरह के नेटवर्क में पाइपलाइन और उससे जुड़ी सुविधाएं होती हैं, जो घरों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को सेवा देती हैं। इसे पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी ) द्वारा अधिकृत संस्थाओं द्वारा विकसित किया जाता है।

पीएनजीआरबी ने 309 भौगोलिक क्षेत्रों (जीए ) में संस्थाओं को अधिकृत किया है। इन क्षेत्रों में देश के पूरे मुख्य भू-भाग शामिल हैं। 18 अगस्त 2026 तक देशभर में 1.74 करोड़ घरेलू पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध थे।

पीएनजी कवरेज को और बढ़ाने के लिए , 18 अगस्त 2026 को घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना शुरू की गई थी। यह योजना 1 सितंबर 2026 से लागू हुई है।

घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने की प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य सक्रिय घरेलू पीएनजी कनेक्शन की संख्या बढ़ाने की गति को तेज करना है। इसका मकसद परिवारों को पाइप के ज़रिए स्वच्छ , सुरक्षित और किफायती खाना पकाने की गैस उपलब्ध कराना है।

यह योजना सीजीडी संस्थाओं को बिना बिल वाले कनेक्शन को सक्रिय , बिल वाले कनेक्शन में बदलने के लिए प्रोत्साहन देती है। यह नए क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार के लिए भी प्रोत्साहन देती है।

यह योजना छह महीनों की अवधि के दौरान दो चरणों में चलेगी।

योजना के तहत हर भौगोलिक क्षेत्र के लिए कनेक्शन की एक न्यूनतम संख्या तय की गई है। कार्य-अवधि के दौरान , पात्र सीजीडी संस्थाओं को इस सीमा से ज़्यादा बिल वाले घरेलू कनेक्शन जोड़ने होंगे। ऐसे प्रत्येक अतिरिक्त कनेक्शन के लिए , संस्था को 200 स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (एससीएम ) गैस का अतिरिक्त आवंटन मिलता है। यह गैस घरेलू स्तर पर उत्पादित प्रशासित मूल्य व्यवस्था (एपीएम ) गैस है , जिसकी कीमत कम होती है।

अतिरिक्त आवंटन महंगी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी ) की जगह लेगा। सीजीडी संस्थाएं अभी अपने संपीड़ित प्राकृतिक गैस (परिवहन) क्षेत्र के लिए यह एलएनजी खरीदती हैं। इसे सस्ती एपीएम गैस से प्रतिस्थापित करने पर उनकी कुल गैस लागत कम हो जाती है।

इसलिए , घरेलू कनेक्शन पर खर्च की गई पूंजी की प्राप्ति की अवधि में कमी आने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इसमें लगने वाला समय लगभग दस साल से घटकर करीब तीन साल रह जाएगा। इसलिए , कंपनियों के पास घरों तक तेज़ी से कनेक्शन पहुँचाने का एक मज़बूत व्यावसायिक कारण है।

पीएनजी परिवारों को कई जरूरी लाभ देता है , जैसे इस्तेमाल में आसानी , पैसे की बचत और निर्बाध आपूर्ति। पीएनजी का घरेलू उपयोग करने वालों के लिए मुख्य लाभ इस प्रकार हैं:

पीएनजी विस्तार को त्वरित मंज़ूरी, तर्कसंगत टैक्स और सुव्यवस्थित अवसंरचना विकास जैसे उपायों से बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और जागरूकता अभियान; परिवारों में पीएनजी अपनाने की प्रक्रिया को आसान , त्वरित और सुलभ बना रहे हैं:

घर पर खाना पकाने के लिए साफ़ ईंधन हर परिवार के आराम , स्वास्थ्य और सम्मान को बढ़ाता है। अब लागू हो चुकी नई योजना गैस कंपनियों के व्यावसायिक हितों को इस राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ जोड़ती है। जैसे-जैसे पाइपलाइनें ज़्यादा इलाकों और ज़्यादा रसोईघरों तक पहुँच रही हैं , सिलेंडरों पर निर्भरता लगातार कम हो रही है। इस तरह , पाइप से आपूर्ति की जाने वाली गैस भारत में दैनिक जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा बनने जा रही है।

साइट को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा होस्ट किया जाता है । इस पर सूचनाएं पत्र सूचना कार्यालय, "ए" विंग, शास्त्री भवन, डॉ राजेंद्र प्रसाद रोड़, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001, फोन : 23389338 द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है और अद्यतित की जाती है ।

मुख्य बातें

  • हर घर के लिए स्वच्छ और किफायती पाइप से आपूर्ति की जाने वाली खाना पकाने की गैस पाइप से आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी ) का विस…
  • घरों तक पीएनजी पहुंचाना सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी ) नेटवर्क के विकास का हिस्सा है।
  • इस तरह के नेटवर्क में पाइपलाइन और उससे जुड़ी सुविधाएं होती हैं, जो घरों , वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को सेवा देती हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. पत्र सूचना कार्यालय (PIB) · घरेलू पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

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